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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आग का कहर, चार एकड़ सदाबहार जंगल राख; वन्यजीवों में मची भगदड़

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बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वन प्रक्षेत्र में लगी भीषण आग ने प्रकृति को गहरी चोट पहुंचाई है। वन प्रमंडल-दो के अंतर्गत आने वाले सिरिसिया जंगल में आग की चपेट में आकर करीब चार एकड़ सदाबहार वन क्षेत्र पूरी तरह नष्ट हो गया। कुछ ही घंटों में हरे-भरे पेड़-पौधे, सूखी झाड़ियां और सागवान के पत्ते जलकर राख में तब्दील हो गए।
आग फैलते ही जंगल का शांत माहौल अचानक अफरा-तफरी में बदल गया। धुएं और लपटों के बीच कई वन्यजीव जान बचाने के लिए अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकल आए। हिरण, सांभर, चीतल, बंदर, खरगोश और सांप इधर-उधर भागते देखे गए, जिससे जंगल में दहशत का दृश्य पैदा हो गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रभारी वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी के नेतृत्व में वनकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते आग को नहीं रोका जाता, तो यह आसपास के गांवों तक फैल सकती थी और नुकसान कई गुना बढ़ सकता था।
स्थानीय ग्रामीणों ने आग लगने के पीछे मानवीय लापरवाही की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जंगल से जलावन चुनने वाले कुछ लोग और चरवाहे अकसर सतर्कता नहीं बरतते, जिससे आग लगने की घटनाएं होती हैं। ठंड के मौसम में चलने वाली तेज पछुआ हवा ने इस बार आग को और तेजी से फैलाने का काम किया, जिससे गांवों के पास तक खतरा पहुंच गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मदनपुर जंगल में हाल के दिनों में यह आग की दूसरी घटना है, जिससे वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में प्रभारी वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी ने बताया कि भले ही आग में मुख्य रूप से सूखा खर-पतवार जला हो, लेकिन इससे जंगल की जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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